सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-एस.आई.आर. प्रक्रिया के अभ्यास में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना का संज्ञान लेते हुए इसे निंदनीय बताया है। न्यायालय ने राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य अधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने निर्वाचन आयोग से इस घटना की जांच केन्द्रीय जांच एजेंसी से कराने की अनुमति दी और केंद्रीय बल की तैनाती के भी निर्देश दिए।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण – एसआईआर के अंतर्गत विचाराधीन सूची से जिन मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, उनके मामलों की सुनवाई के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण आज से कार्यवाही शुरू करेंगे। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रस्तुत सभी आवेदन, दस्तावेज और जानकारी न्यायाधिकरणों को उनके निर्णय हेतु उपलब्ध कराई जाएगी।
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