सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-एस.आई.आर. प्रक्रिया के अभ्यास में लगे सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना का संज्ञान लेते हुए इसे निंदनीय बताया है। न्यायालय ने राज्य के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और अन्य अधिकारियों से इस संबंध में जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने निर्वाचन आयोग से इस घटना की जांच केन्द्रीय जांच एजेंसी से कराने की अनुमति दी और केंद्रीय बल की तैनाती के भी निर्देश दिए।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण – एसआईआर के अंतर्गत विचाराधीन सूची से जिन मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, उनके मामलों की सुनवाई के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण आज से कार्यवाही शुरू करेंगे। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रस्तुत सभी आवेदन, दस्तावेज और जानकारी न्यायाधिकरणों को उनके निर्णय हेतु उपलब्ध कराई जाएगी।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और अमरीका के बीच…
मौसम विभाग ने आज भीतरी कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और कराईकल में तेज…
उत्तराखंड में चमोली जिला स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए…
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में आयोजित एक बैठक में…
समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) अध्यक्ष पी. जवाहर, आईएएस ने कहा कि चुनौती भरी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ सार्थक वार्ता…