भारत

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को महिला कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश पर एक मॉडल नीति तैयार करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया कि वह राज्यों और अन्य हितधारकों के साथ परामर्श करके महिला कर्मचारियों के लिए मासिक धर्म अवकाश पर एक मॉडल नीति तैयार करे।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने आज मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। महिला और बाल विकास मंत्रालय को इस पर एक नीति तैयार करने के लिए हितधारकों के साथ बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।

पीठ ने कहा कि नीति से जुड़ा यह मुद्दा अदालतों के संज्ञान का मुद्दा नहीं है। महिलाओं को ऐसी छुट्टी देने पर अदालत का निर्णय प्रतिकूल और हानिकारक साबित हो सकता है क्योंकि नियोक्ता उन्हें काम पर रखने से बच सकते हैं।

शीर्ष अदालत ने आगे कहा कि यह निर्देश राज्य सरकार को मासिक धर्म अवकाश की नीति पर स्वतंत्र निर्णय लेने में बाधा नहीं बनेगा।

Editor

Recent Posts

भारत ने सुरक्षा के मद्देनजर अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की कड़ी सलाह दी

भारत ने सुरक्षा के मद्देनजर अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की कड़ी…

5 घंटे ago

NHAI ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं के लिए तत्क्षण सुरक्षा चेतावनी प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया

‘सड़क सुरक्षा माह 2026’ मनाने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक पशुओं के आने से होने…

6 घंटे ago

जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने नमामि गंगा मिशन के अंतर्गत जलीय जैव विविधता संरक्षण की महत्वपूर्ण पहलों का उद्घाटन किया

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने सरकार की नदियों को केवल जलमार्ग के रूप…

6 घंटे ago

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरावली परिदृश्य के पारिस्थितिक पुनर्स्थापन पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में अरावली…

6 घंटे ago

सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दिल्ली कैंट में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस कैंप (आरडीसी) का दौरा किया

सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 14 जनवरी, 2026 को दिल्ली कैंट में नेशनल…

6 घंटे ago