सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी 2024 की परीक्षा रद्द करने और इसे दोबारा आयोजित करने का आदेश देने से आज इन्कार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने दोबारा परीक्षा कराने और रिजल्ट रद्द करने की मांग वाली सभी याचिकाओं की सुनवाई के बाद आज यह फैसला सुनाया।
शीर्ष न्यायालय ने कहा कि यह साबित करने का कोई प्रमाण नही मिला है कि पूरी परीक्षा में गडबडी हुई और इसके संचालन में प्रणालीगत खामियां थीं जिससे इसकी सुचिता भंग हुई।
न्यायालय ने यह भी कहा कि दोबारा परीक्षा कराने के गंभीर परिणाम होंगे। ऐसा करने से 23 लाख से अधिक छात्र प्रभावित होंगे और शैक्षणिक कार्यक्रम बाधित होगा। आने वाले वर्षों में इसका व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
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