सर्वोच्च न्यायालय ने आज लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी वेबसाइट पर मतदान केंद्र-वार मतदान प्रतिशत अपलोड करने की याचिका पर चुनाव आयोग को निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच “हस्तक्षेप रवैया” नहीं अपनाने का समर्थन किया।
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की अवकाशकालीन पीठ ने ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ नामक एनजीओ द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी। पीठ ने कहा कि लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद 2019 में दायर एनजीओ की रिट याचिका के साथ इसकी सुनवाई की जाएगी।
पीठ ने कहा कि सभी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं और हम इस बात को लेकर भी चिन्तित हैं कि शरारती लोग इसका फायदा उठाने की फिराक में हो सकते हैं।
पीठ ने कहा कि 2024 के चुनाव सात चरणों में हो रहे हैं इनमें से पांच चरण के चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं।
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