सुप्रीम कोर्ट ने वोटर मतदान पुष्टि पर्ची (VVPAT) के साथ इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में वोटों की गिनती का शत-प्रतिशत सत्यापन करने की मांग करने वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने ईवीएम की कार्यप्रणाली के बारे में निर्वाचन आयोग से कई प्रश्न पूछे। आयोग ने आश्वासन दिया कि किसी भी स्तर पर ईवीएम से छेड़छाड़ असंभव है। आयोग ने कहा कि अब तक 41 हजार 629 मामलों में 4 करोड़ से अधिक वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया गया है।
पीठ ने निर्वाचन आयोग पर विश्वास व्यक्त करते हुए कागजी मतपत्रों की वापसी के विचार से असहमति जताई।
निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि सभी वीवीपैट पर्चियों की गिनती व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। वर्तमान में, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की कोई भी पांच इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की वीवीपैट पर्चियों का सत्यापन किया जाता है।
लोकतांत्रिक सुधार संघ सहित याचिकाकर्ताओं ने कहा कि देश में 97 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं को अधिक पारदर्शी चुनावी प्रणाली का अधिकार है।
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