सर्वोच्च न्यायालय ने आज सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर डिजिटल अरेस्ट मामलों पर उनके द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी का विवरण मांगा है। न्यायालय ने देश में बढ़ते डिजिटल अरेस्ट की घटनाओं को देखते हुए सभी मामलों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो-सीबीआई को सौंपने पर भी विचार किया है।
सर्वोच्च न्यायालय देश भर में डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए स्वत: संज्ञान लेते हुए 17 अक्टूबर से इस मामले की सुनवाई कर रहा है।
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