अमरीका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमरीका ने संकेत दिया है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी लंबे समय तक जारी रह सकती है। इस नाकेबंदी पर अमरीका अब तक 25 अरब डॉलर से अधिक ख़र्च कर चुका है। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह समझदारी से काम ले। अमरीका का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक की शर्त पर ही युद्धविराम हो सकता है। दूसरी तरफ, ईरान ने किसी भी दबाव में बातचीत से इनकार कर दिया है।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी निकाय ने अनुमान व्यक्त किया है कि ईरान का यूरेनियम भंडार इस्फ़हान में हो सकता है। इससे यूरोप और समूचे एशिया की सरकारें और अधिक चौकस हो गई हैं। उधर, ईरान की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है और डॉलर के मुकाबले रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है। इसके बावजूद, ईरान के सांसदों ने कहा है कि देश के पास लंबे समय तक युद्ध के लिए पर्याप्त ड्रोन और मिसाइल मौजूद हैं।
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