देश की तीनों सेनाओं के लिए भविष्य युद्ध कौशल पाठ्यक्रम का तीसरा संस्करण आज से नई दिल्ली में शुरू हुआ। तीन सप्ताह के इस कार्यक्रम का उद्देश्य सैन्य अधिकारियों को आधुनिक युद्ध की जटिल चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय और संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र के सहयोग से संचालित यह पाठ्यक्रम आधुनिक समय में युद्ध कौशल पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव को समझने पर केन्द्रित है। इसमें महत्वपूर्ण विषयों का गहन अध्ययन, उभरती प्रौद्योगिकियों के व्यावहारिक प्रदर्शन और रक्षा बलों की क्षमताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संस्थानों का दौरा भी शामिल है।
पाठ्यक्रम में तीनों सेनाओं के प्रतिभागियों के साथ-साथ स्टार्टअप, एमएसएमई, रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम और निजी उद्योग सहित रक्षा उद्योग के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। भविष्य युद्ध कौशल पाठ्यक्रम सशस्त्र बलों की परिचालन प्राथमिकताओं और स्वदेशी रक्षा उद्योग की क्षमताओं को एक साथ लाएगा। इस दौरान आधुनिक और भविष्य के युद्ध से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
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