महाराष्ट्र में आज गुइलेन-बैरे सिंड्रोम-जीबीएस के तीन नए संदिग्ध मामलों का पता चला है। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक कुल 173 संदिग्ध रोगियों का पता चला है, जिनमें से 140 रोगियों में जीबीएस की पुष्टि हुई है। इनमें से 72 रोगी ठीक हो चुके हैं जबकि 55 रोगी वर्तमान में आईसीयू में हैं और 21 वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।
इस रोग के लक्षणों में हाथ या पैरों में अचानक कमजोरी, चलने में कठिनाई और दस्त की समस्या होती है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे घबराएं नहीं और कोई भी लक्षण दिखने पर अस्पताल जाएं। निवारक उपाय के तौर पर नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे साफ और उबला पानी पीएं, ताजा खाना खाएं, बासी और आंशिक रूप से पका हुआ भोजन, खासकर पोल्ट्री आइटम और मटन से बचें।
जीबीएस के कारण होने वाली छह संदिग्ध मौतों में से एक व्यक्ति की बीमारी के कारण मृत्यु की पुष्टि हुई है। इनमें से अधिकांश मामले की खबर पुणे और पिंपरी तथा चिंचवाड़ सहित इसके समीप के जिलों से मिली हैं।
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