त्रिपुरा में राज्य सरकार ने पिछले वाम मोर्चे की सरकार के दौरान राजनीतिक हिंसा में मारे गये लोगों के निकट परिजन को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उठाया गया यह संवेदनशील कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अनुरूप है। इसी के तहत, त्रिपुरा में वाम मोर्चा शासनकाल के दौरान राजनीतिक हिंसा के दुर्भाग्यपूर्ण शिकार बने व्यक्तियों के परिवार के एक सदस्य को राज्य सरकार में नौकरी दी जाएगी।
त्रिपुरा के विद्युत मंत्री रतनलाल नाथ ने बताया कि अब तक सरकार को उनतालीस आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों की जांच संबंधित जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों द्वारा की जाएगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार की एक समिति पात्र परिजनों को सरकारी नौकरी देने की सिफारिश करेगी। फिलहाल, अठारह आवेदकों को त्रिपुरा सरकार के सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, प्राथमिक शिक्षा विभाग और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में नियुक्ति दी गई है, जबकि पाँच और आवेदनों पर विचार किया जा रहा है।
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