समान नागरिक संहिता-यूसीसी आज से उत्तराखंड में लागू हो रही है। उत्तराखंड देश में यह अधिनियम लागू करने वाला पहला राज्य होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि विनियमों की मंजूरी और संबंधित कर्मियों के प्रशिक्षण सहित अधिनियम को लागू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिये समान अधिकार सुनिश्चित करना है।
तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एक्ट बनकर तैयार हो गया। मंत्रिमंडल से मंजूरी मिल गई, प्रशिक्षण की जो कार्रवाई है वह भी लगभग हमारी पूरी हो गई है। उत्तराखंड देश की आजादी के बाद पहला राज्य होने का गौरव देवभूमि उत्तराखंड को मिल गया है। हम सभी के लिए यानी किसी के लिंग का भेद नहीं होगा, किसी जाति का नहीं होगा, पंथ का नहीं होगा, किसी समुदाय का नहीं होगा और हम सबके लिए एक समान कानून जो भारत संविधान के अनुच्छेद-44 में जिसका प्रावधान है। उसकों हमने 27 जनवरी 2025 में लागू करने जा रहे हैं।
यूसीसी लागू करना उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रमुख प्रतिबद्धता थी। इस अधिनियम के लागू हो जाने से अनुसूचित जनजातियों के अलावा राज्य के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति अधिकार सहित व्यक्तिगत मामलों के लिए समान नियम और अधिकार सुनिश्चित होंगे।
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