विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जल्द ही स्नातक छात्रों के लिए डिग्री पाठ्यक्रमों की अवधि कम करने या उसे बढ़ाने का विकल्प प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने त्वरित और विस्तारित डिग्री कार्यक्रम के लिए मानक प्रचालन प्रक्रियाओं को मंजूरी दे दी है। आयोग के अध्यक्ष जगदीश कुमार ने मीडिया को बताया कि त्वरित डिग्री कार्यक्रम से छात्रों को प्रति सेमेस्टर अतिरिक्त क्रेडिट अर्जित करके कम समय में तीन साल या चार साल की डिग्री हासिल करने का मौका मिलेगा।
त्वरित और विस्तारित डिग्री कार्यक्रम के तहत छात्रों को सामान्य अवधि के कार्यक्रम के तहत क्रेडिट मिलेंगे। विस्तारित डिग्री कार्यक्रम के तहत छात्र अपनी डिग्री की समय सीमा को दो सेमेस्टर तक बढ़ा सकते हैं। उच्च शिक्षा संस्थान इन कार्यक्रमों के लिए छात्रों की पात्रता का मूल्यांकन करने के लिए समितियों का गठन करेंगे। संस्थान स्वीकृत प्रवेश सीमा के 10% तक इस विशेष डिग्री कार्यक्रम के लिए निर्धारित कर सकते हैं। उच्च शिक्षा संस्थान स्टैंडर्ड पीरियड के बजाय चुनी गई अवधि में कार्यक्रम पूरा करने पर छात्रों को डिग्री जारी करेंगे। पहले या बाद में पूरी की गई स्नातक डिग्री को भी रोजगार और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए सामान्य अवधि की डिग्री के बराबर माना जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत के कपास क्षेत्र में बाधाओं,…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने आज गुजरात के…
प्रधान सेना अध्यक्ष-चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जनरल अनिल चौहान ने आज नई दिल्ली में एकीकृत…
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) ने डिजिटल फोरेंसिक, साइबर…
रक्षा मंत्रालय ने हैदराबाद स्थित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के साथ भारतीय सेना के लिए 1,476…
वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने आज बिहार के बोधगया स्थित विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर…