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Union Agriculture Minister held a detailed review meeting covering Kharif sowing, the monsoon, dro
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केन्द्रीय कृषि मंत्री ने खरीफ बुवाई, मानसून, सूखा प्रबंधन, उर्वरक उपलब्धता सहित खाद्यान्न भंडारण पर की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक की

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में खरीफ फसलों की बुवाई से संबंधित वर्तमान स्थिति, मानसून और एल नीनो के प्रभाव का आकलन, वर्षा की कमी से प्रभावित जिलों की संख्या, कॉन्टिंजेंसी प्लान के क्रियान्वयन, उर्वरकों की उपलब्धता तथा खाद्यान्नों के भंडारण की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ फसलों की बुवाई की रफ्तार अभी धीरे है, लेकिन अगले तीन दिनों में गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में बारिश की संभावना बन रही है इससे बुवाई में तेजी आने की संभावना है। हालांकि, नवीनतम जलवायु मॉडल पूर्वानुमानों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून पर एल नीनो के प्रभाव बने रहने की आशंका है।

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 262 संवेदनशील जिलों की पहचान की है। इनमें राज्यवार जिलों की संख्या के आधार पर अब तक हुई बारिश के वितरण का विश्लेषण किया गया। कृषि मंत्रालय की नजर इन जिलों पर लगातार बनी हुई है। मंत्रालय ने 15 अतिरिक्त प्रभावित जिलों की भी पहचान की है जहां बारिश की कमी बनी हुई है।

बैठक के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और केंद्रीय शुष्क भूमि कृषि अनुसंधान संस्थान (क्रिडा) द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि राज्यों के साथ जिला स्तर पर आपातकालीन उपायों की समीक्षा के लिए बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। कुछ राज्यों के साथ बैठक आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।

इसके साथ ही कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को आवश्यक आपातकालीन उपायों के क्रियान्वयन के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय बीज निगम के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप उपलब्ध भंडार स्तरों की नियमित निगरानी की जा रही है। खरीफ की फसलों के लिए बीजों की उपलब्धता पर्याप्त है।

बैठक में बताया गया कि देश के 166 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में कम हैं। हालांकि, अधिकांश क्षेत्रों में भूजल की स्थिति स्थिर बनी हुई है। इसके साथ ही उर्वरक की उपलब्धता, साप्ताहिक मंडी भाव पर भी चर्चा की गई।

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