insamachar

आज की ताजा खबर

Union Cabinet approved a multi-tracking project to expand the rail network across three districts in Karnataka and Andhra Pradesh
भारत मुख्य समाचार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तीन जिलों में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिए मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बल्लारी–गुंटकल रेलखंड पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को स्वीकृति दी है। परियोजना की अनुमानित लागत 1,264 करोड़ रुपये है जिसे वर्ष 2028–29 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार इस परियोजना का उद्देश्य समन्वित योजना और सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से बहु-माध्यमीय संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ बनाना तथा लॉजिस्टिक क्षमता बढ़ाना है। इससे लोगों, वस्तुओं और सेवाओं का आवागमन अधिक सुगम और निर्बाध हो सकेगा।

कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तीन जिलों में व्‍याप्‍त यह परियोजना पूरी होने से भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 46 किलोमीटर की वृद्धि होगी।

अतिरिक्‍त रेल लाइनें बिछाने की इस परियोजना से लगभग 99 गांवों की रेल संपर्क सुविधा बेहतर होगी और लगभग सात लाख लोग लाभान्वित होंगे।

रेल मार्ग क्षमता बढ़ने से बल्लारी किला, श्री कुमार स्वामी मंदिर सहित देश के अनेक प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर बनेगा।

यह रेलखंड लौह अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर, लोहा एवं इस्पात, कोयला, उर्वरक तथा अनाज जैसी महत्वपूर्ण वस्तुओं की ढुलाई का प्रमुख मार्ग है। इस परियोजना के पूर्ण होने से प्रतिवर्ष लगभग 16.22 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होगी। रेल एक पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन माध्यम होने से देश के जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति और लॉजिस्टिक लागत में कमी लाने में भी सहायक है। अतिरिक्त रेल लाइनें बिछाने से लगभग 1.32 करोड़ लीटर तेल की बचत होगी तथा 6.67 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी, जो लगभग 0.27 करोड़ वृक्षारोपण के बराबर है।

लाइन क्षमता बढ़ने से रेल परिचालन अधिक सुचारु होगा, यात्रा सुविधाजनक बनेगी तथा भारतीय रेल परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा। मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना रेल संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने और भीड़भाड़ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नए भारत’ भविष्‍यदृष्टि के अनुरूप इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के समग्र विकास द्वारा लोगों को आत्मनिर्भर बनाना तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।

LEAVE A RESPONSE

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *