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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक की अवधि के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना– ग्रामीण (PMAY-G) के कार्यान्वयन को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के कार्यान्वयन के लिए ग्रामीण विकास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके तहत मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपये और पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों और पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में 1.30 लाख रुपये की मौजूदा प्रति इकाई सहायता के साथ दो करोड़ से अधिक घरों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जानी है।

मंत्रिमंडल द्वारा दी गई मंजूरी का विवरण इस प्रकार है:

  1. अप्रैल, 2024 से मार्च, 2029 तक बुनियादी सुविधाओं के साथ 2 करोड़ पक्के मकानों की समग्र सीमा के भीतर सहायता प्रदान करके आवास+ (2018) सूची (सुधार के बाद) और सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) 2011 स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) में शेष पात्र परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) को जारी रखना।
  2. वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 के लिए कुल परिव्यय 3,06,137 करोड़ रुपये किया जाना है, जिसमें 2,05,856 करोड़ रुपये का केंद्रीय हिस्सा और 1,00,281 करोड़ रुपये का राज्य मिलान हिस्सा शामिल है।
  3. नीति आयोग द्वारा पीएमएवाई-जी के मूल्यांकन और ईएफसी द्वारा योजना के पुनर्मूल्यांकन के बाद यह योजना मार्च, 2026 से आगे भी जारी रहेगी।
  4. संशोधित बहिष्करण मानदंडों का उपयोग करके पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान के लिए आवास+ सूची को अपडेट करना।
  5. लाभार्थियों को सहायता की इकाई लागत मैदानी क्षेत्रों में 1.20 लाख रुपये और पूर्वोत्तर क्षेत्र/ पहाड़ी राज्यों में 1.30 लाख रुपये की मौजूदा दरों पर जारी रहेगी।
  6. प्रशासनिक निधि का 1.70% राज्यों/ केंद्र शासित क्षेत्रों को जारी करने और 0.30% केंद्रीय स्तर पर विभाजित किए जाने के साथ प्रशासनिक निधि को कार्यक्रम निधि के 2% के स्तर पर बनाकर रखा जाएगा।
  7. मौजूदा दरों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 31.03.2024 तक पीएमएवाई-जी के पिछले चरण के अधूरे घरों का निर्माण पूरा करना।

लाभ:

  • 31.03.2024 तक अपूर्ण शेष 35 लाख घरों को पूरा किया जाएगा, ताकि पिछले चरण के 2.95 करोड़ घरों के संचयी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
  • अब, पिछले कुछ वर्षों में पैदा हुईं आवास जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्त वर्ष 2024-2029 से अगले पांच वर्षों के दौरान पीएमएवाई-जी के तहत दो करोड़ और घरों का निर्माण किया जाएगा। दो करोड़ और घरों के निर्माण से लगभग 10 करोड़ लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
  • इस मंजूरी से सभी बेघर और जीर्ण-शीर्ण और कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ अच्छी गुणवत्ता वाले सुरक्षित घर बनाने की सुविधा मिलेगी। इससे लाभार्थियों की सुरक्षा, स्वच्छता और सामाजिक समावेशिता सुनिश्चित होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में “सभी के लिए आवास” के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए, भारत सरकार ने अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) शुरू की थी, जिसमें बुनियादी सुविधाओं के साथ 2.95 करोड़ घरों के निर्माण का लक्ष्य मार्च 2024 तक चरणबद्ध तरीके से हासिल किया जाना था।

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