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केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान ने चेन्नई में गरुड़ एयरोस्पेस की कृषि-ड्रोन स्वदेशीकरण सुविधा और 300 उत्कृष्टता केंद्रों का उद्घाटन किया

केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने आज चेन्नई में गरुड़ एयरोस्पेस की नई कृषि-ड्रोन स्वदेशीकरण सुविधा का उद्घाटन किया। मंत्री ने 300 उत्कृष्टता केंद्रों (सीओई) का भी उद्घाटन किया और गरुड़ एयरोस्पेस के डीजीसीए द्वारा अनुमोदित प्रशिक्षक को प्रशिक्षण (टीटीटी) कार्यक्रम की शुरूआत की। इस महत्‍वपूर्ण शुभारंभ का समर्थन भारत ड्रोन एसोसिएशन (बीडीए) के प्रमुख सदस्यों ने किया। इस शुभारंभ में अत्यधिक कुशल ड्रोन दीदियों द्वारा कृषि-ड्रोन शानदार प्रदर्शन भी किया गया। यह बढ़ते ड्रोन प्रणाली में आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देने की गरुड़ एयरोस्पेस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस अवसर पर बोलते हुए, कमलेश पासवान ने ड्रोन तकनीक में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के दूरदर्शी प्रयासों के लिए गरुड़ एयरोस्पेस और इसके संस्थापक और सीईओ अग्निश्वर जयप्रकाश की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक ड्रोन केंद्र बनाने के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी के सपने को अग्निश्वर जैसे युवा उद्यमियों और गरुड़ एयरोस्पेस जैसी नवोन्मेषी कंपनियों के समर्पण के माध्यम से वास्तव में साकार किया जा सकता है। उन्होंने स्वदेशीकरण फैक्ट्री में स्थानीय पुर्जा निर्माताओं को एक छत के नीचे एकजुट करने के लिए भारत ड्रोन एसोसिएशन की भी सराहना की। यह एक अत्याधुनिक सुविधा केंद्र है जो अगले दो वर्षों में 1 लाख से अधिक ड्रोन बनाने में सक्षम है। मंत्री ने अपनी प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी एक ही स्थान पर 2,000 कृषि-ड्रोन नहीं देखे हैं, जैसा कि उन्होंने गरुड़ स्वदेशी विनिर्माण सुविधा में देखा – यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है जो ड्रोन नवाचार और संख्‍या में अग्रणी होने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित करती है।

गरुड़ एयरोस्पेस के संस्थापक और सीईओ अग्निश्वर जयप्रकाश ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 2022 में हमें 2026 तक एक लाख भारत में निर्मित ड्रोन बनाने का विजन दिया था। हमने अब तक 4,000 ड्रोन बना चुके हैं और हमें विश्वास है कि हम अगले दो वर्षों में यह लक्ष्य प्राप्‍त कर लेंगे।”

35,000 वर्ग फीट में फैली गरुड़ एयरोस्पेस की अत्याधुनिक कृषि-ड्रोन स्वदेशीकरण सुविधा उन्नत मानव रहित हवाई प्रणालियों (यूएएस) के डिजाइन, निर्माण और सही परीक्षण के लिए देश का अपनी तरह का पहला केंद्र है। नई सुविधा गरुड़ एयरोस्पेस की मौजूदा विनिर्माण इकाई के विस्तार है और भारत में ड्रोन निर्माण और कौशल विकास को आगे बढ़ाने में एक बड़ी उपलब्धि है। दूसरी ओर प्रशिक्षक को प्रशिक्षण (टीटीटी) कार्यक्रम गरुड़ एयरोस्पेस की प्रमुख कौशल निर्माण और विकास पहल है जिसे शिक्षकों और पेशेवरों को प्रमाणित ड्रोन प्रशिक्षक बनने के लिए सशक्त बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके अतिरिक्त, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग भागीदारों के सहयोग से भारत भर में रणनीतिक रूप से स्थित 300 उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) एक मजबूत भागीदार नेटवर्क के माध्यम से ड्रोन नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास को आगे बढ़ाएंगे।

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