केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल नेपाल की ऐतिहासिक यात्रा पर हैं। इससे भारत-नेपाल ऊर्जा सहयोग में एक नया अध्याय जुड़ गया। नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री दीपक खड़का और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ केंद्रीय मंत्री ने क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने और सतत ऊर्जा विकास के उद्देश्य से प्रमुख द्विपक्षीय ऊर्जा प्रयासों की समीक्षा की।
अपने दौरे के दौरान मनोहर लाल ने भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम एसजेवीएन लिमिटेड द्वारा नेपाल के संखुवासभा जिले में विकसित की जा रही ऐतिहासिक 900 मेगावॉट की अरुण-3 जलविद्युत परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। अरुण-3 परियोजना जलविद्युत क्षेत्र में भारत-नेपाल साझेदारी का प्रतीक है। इस अवसर पर मनोहर लाल ने इलेक्ट्रोमैकेनिकल कार्यों का शुभारंभ किया, जो परियोजना के समय पर पूरा होने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
काठमांडू में मनोहर लाल और दीपक खड़का की उपस्थिति में भारत के महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) पावरग्रिड और नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ज्ञापन उच्च क्षमता वाले सीमापार ट्रांसमिशन बुनियादी ढांचे को क्रियान्वित करने के लिए दो संयुक्त उद्यम कंपनियों के गठन का मार्ग प्रशस्त करता है। इनमें से एक भारत में और एक एक नेपाल में होगी।
प्रस्तावित परियोजनाओं में 400 केवी इनारुवा (नेपाल)-न्यू पूर्णिया (भारत) और 400 केवी डोडोधारा (नेपाल)-बरेली (भारत) डबल-सर्किट ट्रांसमिशन सिस्टम को विकसित करना शामिल है। ये महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लिंक दोनों देशों के बीच विद्युत विनिमय क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा, ग्रिड स्थिरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
पावरग्रिड के निदेशक (कार्मिक) डॉ. यतीन्द्र द्विवेदी और एनईए के ग्रिड परिचालन विभाग के निदेशक कमल आचार्य ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
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