केंद्रीय विद्युत और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज रांची में झारखंड राज्य के विद्युत क्षेत्र और शहरी विकास योजनाओं से संबंधित मामलों की समीक्षा की। इस बैठक में झारखंड सरकार के शहरी विकास एवं आवासन विभाग के मंत्री सुदिव्या कुमार सहित राज्य सरकार, भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री ने उन प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला जिन पर राज्य के विद्युत/ऊर्जा विभाग को एक विस्तृत कार्य योजना के साथ काम करना चाहिए। बैठक में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस), डिस्कॉम के परिचालन एवं वित्तीय मानदंडों, भविष्य की विद्युत की मांग को पूरा करने के लिए संसाधन पर्याप्तता और पारेषण अवसंरचना नियोजन से संबंधित मामलों पर चर्चा की गई। उन्होंने राज्य में समग्र तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटी एंड सी) हानियों और आपूर्ति लागत एवं औसत राजस्व प्राप्ति (एसीएस-एआरआर) के अंतर के उच्च स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें टिकाऊ स्तर पर लाने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने राज्य सरकार से सरकारी वितरण कंपनियों (डीआईएसकॉम) के ऋण दायित्वों के पुनर्गठन की दिशा में प्रयास करने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने सरकारी विभागों के बकाया विद्युत बिलों का समयबद्ध निपटान की आवश्यकता पर बल दिया तथा विशेष रूप से सरकारी उपभोक्ताओं एवं संस्थानों में स्थापित विद्युत मीटरों 31 अगस्त, 2026 तक प्रीपेड मीटरों में परिवर्तित करने के लिए नियमित भुगतान व्यवस्था विकसित करने का आग्रह किया।
इसके अलावा, बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं सहित उच्च भार वाले उपभोक्ताओं के लिए 31 अगस्त, 2026 तक स्मार्ट मीटरों की स्थापना का कार्य पूरा किया जाए और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए भी स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
केंद्रीय मंत्री ने बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने के लिए संसाधनों की पर्याप्तता और राज्य के भीतर पारेषण योजना की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जेजीयूए) के तहत जनजातीय परिवारों के लिए ग्रिड विद्युतीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की और राज्य सरकार से कार्यान्वयन में तेजी लाने को कहा। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत प्रगति के संबंध में राज्य सरकार से कार्यान्वयन में तेजी लाने और दोनों योजनाओं के लक्ष्यों को पूरा करने का आग्रह किया गया। राज्य सरकार के भवनों की छतों पर प्राथमिकता के आधार पर रूफटॉफ सौर संयंत्र स्थापित करने की सलाह दी, जिससे ग्रिड से विद्युत की मांग कम होने के कारण राज्य के बजट पर वित्तीय बोझ कम करने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय विद्युत मंत्री ने राज्य के समग्र विकास में भारत सरकार के निरंतर सहयोग और सहायता का आश्वासन दिया।
झारखंड सरकार के विद्युत मंत्री ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया और राज्य में विद्युत क्षेत्र के मामलों की समीक्षा करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने राज्य के लिए स्वीकृत कार्यों के शीघ्र कार्यान्वयन और विद्युत क्षेत्र के समग्र प्रदर्शन में सुधार के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का आश्वासन दिया।
यूनेस्को के विश्व धरोहर केंद्र ने भारत के तीन नए स्थलों को विश्व धरोहरों की…
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी…
भारतीय सेना का सर्वोच्च स्तरीय द्विवार्षिक मंच सेना कमांडरों का सम्मेलन आज से शुरू हो…
भारत के केंद्रीय अप्रत्क्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) तथा न्यूज़ीलैंड सीमा शुल्क सेवा…
भारत ने अपुष्ट आरोपों के आधार पर चुनिंदा देशों को निशाना बनाने के लिए मानवाधिकारों…