केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए सिंगापुर की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा की। इस यात्रा में भारत की मजबूत विकास दर, निवेश-आधारित सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता और विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, वित्तीय सेवाओं और हरित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में वैश्विक भागीदारों के लिए उपलब्ध व्यापक अवसरों पर प्रकाश डाला गया।
सिंगापुर के नेतृत्व के साथ अपनी मुलाकातों के दौरान, पीयूष गोयल ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की, जहां व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने, नवाचार और डिजिटल कनेक्टिविटी में सहयोग बढ़ाने और सतत विकास में नए अवसरों की खोज पर चर्चा हुई। उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की, जहां दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक प्राथमिकताओं पर रणनीतिक विश्वास और समन्वय की पुष्टि की। उप-प्रधानमंत्री और व्यापार एवं उद्योग मंत्री गान किम योंग के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक में, भारत और सिंगापुर के बीच औद्योगिक और व्यापार सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा हुई।
इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण विनिर्माण क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश पर आयोजित व्यावसायिक गोलमेज सम्मेलन था, जिसमें एम-चैम, यूरो-चैम, जर्मन चैंबर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स और कारोबार क्षेत्र को अन्य दिग्गजों सहित प्रमुख निर्णयकर्ताओं ने भाग लिया। मुख्य भाषण देते हुए पीयूष गोयल ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, निवेश-समर्थक नीतियों और वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से की गई रणनीतिक पहलों पर जोर दिया।
इन नेतृत्वकारी बैठकों के अलावा, पीयूष गोयल ने सिंगापुर की प्रमुख कंपनियों और संस्थागत निवेशकों के साथ रणनीतिक व्यावसायिक बैठकें भी कीं। एसआईए इंजीनियरिंग कंपनी (एसआईएईसी) में, भारत के तेजी से बढ़ते रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) क्षेत्र और भारतीय विश्वविद्यालयों के सहयोग से एमआरओ पेशेवरों के लिए भारत-सिंगापुर कौशल केंद्र को तेजी से विकसित करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। कैपिटल एंड इन्वेस्टमेंट ने महाराष्ट्र में डेटा केंद्रों के लिए अक्षय ऊर्जा से जुड़े समाधानों के विस्तार के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की, साथ ही औद्योगिक पार्कों, श्रमिक आवास मॉडलों और ऋण वित्तपोषण में संभावित प्रवेश के अवसरों की भी खोज की। रॉयल गोल्डन ईगल (आरजीई) ने भारत में अपने टिशू और पल्प संचालन पर नवीनतम जानकारी साझा की, संचालन संबंधी चुनौतियों पर चर्चा की और स्थायी वानिकी और पुनर्वनीकरण प्रणालियों पर ज्ञान के आदान-प्रदान में रुचि व्यक्त की। श्री गोयल ने जीआईसी के सीईओ-पदनाम श्री ब्रायन येओ और टेमासेक के सीईओ श्री दिलहान पिल्लै के साथ भी बैठकें कीं, जिनमें बुनियादी ढांचे, आतिथ्य, अक्षय ऊर्जा, वित्तीय सेवाओं और शहरी विकास में भारत-केंद्
इस यात्रा ने भारत और सिंगापुर के बीच मजबूत और बढ़ती रणनीतिक एवं आर्थिक साझेदारी की पुष्टि की, जिसमें दोनों पक्ष विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, हरित परिवर्तन, डिजिटल अर्थव्यवस्था और वित्तीय निवेश में सहयोग को मजबूत करने पर सहमत हुए।
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