विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने CSIR-NIScPR द्वारा प्रकाशित पांच भारतीय भाषाओं में लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाओं का शुभारंभ किया
वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के 85वें स्थापना दिवस के अवसर पर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर) द्वारा प्रकाशित तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली और असमिया भाषाओं में पांच नई लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाओं का शुभारंभ किया।
पत्रिकाएँ- असमिया में বিজ্ঞান লহৰ (बिग्यान लहर), बंगाली में বিজ্ঞান বৃত্তান্ত (बिग्यान ब्रिटान्टो), विज्ञान पत्रिका (विद्न्यान) मराठी में क्षितिज), तमिल में அறிவியல் அறிக்கையாளர் (अरिवियाल अरिक्कैयालर), और విజ్ఞాన్ विज्ञान (विज्ञान) तेलुगु में प्रकाशित होने वाली यह पत्रिका (वेलुगु) सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर के लोकप्रिय विज्ञान प्रकाशन पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण विस्तार है। यह लॉन्च संस्थान की विज्ञान संचार की दीर्घकालिक परंपरा को आगे बढ़ाती है, जो इसकी प्रमुख पत्रिकाओं साइंस रिपोर्टर (अंग्रेजी), विज्ञान प्रगति (हिंदी) और साइंस की दुनिया (उर्दू) के माध्यम से चली आ रही है ।
लॉन्च समारोह में सीएसआईआर की महानिदेशक और डीएसआईआर की सचिव डॉ. एन. कलाइसेल्वी और सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक डॉ. गीता वाणी रायसम उपस्थित थीं। सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की इस पहल का उद्देश्य पाठकों को उनकी संबंधित भाषाओं में विश्वसनीय और रोचक वैज्ञानिक ज्ञान उपलब्ध कराना है, साथ ही संबंधित क्षेत्रों की वैज्ञानिक उपलब्धियों, नवाचारों और विकास को उजागर करना भी है।
इस पहल की एक खास बात यह है कि इसमें अत्याधुनिक तकनीकों, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) भी शामिल है, का उपयोग सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की लोकप्रिय विज्ञान पत्रिकाओं (विज्ञान प्रगति, साइंस रिपोर्टर और साइंस की दुनिया) की चुनिंदा सामग्री के अनुवाद को सुगम बनाने के लिए किया जाता है। एआइ की सहायता से किए गए अनुवादों की समीक्षा, प्रूफरीडिंग, तथ्य-जांच और संपादकीय परिष्करण मानव विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है, जिससे वैज्ञानिक सटीकता, भाषाई गुणवत्ता और पठनीयता सुनिश्चित होती है। अनुवादित सामग्री के साथ-साथ, पत्रिकाओं में संबंधित भारतीय भाषाओं में लिखे गए मूल लेख भी प्रकाशित होते हैं, जिससे इन भाषाओं में विज्ञान लेखन और क्षेत्र की प्रासंगिक उपलब्धियों को प्रोत्साहन और मजबूती मिलती है।
इन पांच पत्रिकाओं के प्रकाशन का समन्वय श्री मुकेश अंबादास पुंड और डॉ मेहर वान द्वारा संबंधित संपादकों, संपादकीय टीमों, डिजाइन टीम और अन्य संस्थागत कर्मचारियों के समर्पित योगदान और अथक प्रयासों से किया गया है। लॉन्च के समय उपस्थित संपादकों और संपादकीय प्रतिनिधियों में डॉ. परमानंद बर्मन, संपादक, और डॉ. बोरनाली शर्मा, एसोसिएट एडिटर, बिग्यान लहर (असमिया); डॉ. उत्तम कुमार जाना, संपादक, बिग्यान ब्रिटान्टो (बंगाली); श्री मुकेश अंबादास पुंड, संपादक, विज्ञान क्षितिज (मराठी); डॉ. एस. भुवनेश, संपादक, और डॉ. एल. संध्या, एसोसिएट एडिटर, अरिवियाल अरिक्कैयालर (तमिल) और डॉ. एनके प्रसन्ना, संपादक, विज्ञान वेलुगु (तेलुगु)।
यह शुभारंभ सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर द्वारा विज्ञान को समाज के व्यापक वर्गों तक पहुंचाने और समावेशी, बहुभाषी और वैज्ञानिक रूप से जानकार भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में उठाया गया एक और महत्वपूर्ण कदम है। सीएसआईआर का 85वां स्थापना दिवस स्वयं विज्ञान, प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय विकास में संगठन के 84 वर्षों के योगदान का प्रतीक है।





