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केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में भारत की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजना का दौरा किया

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पार्क का दौरा किया। भारत में सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर पार्क के रूप में पहचाने जाने वाले 600 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट से भारत नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा में एक कदम आगे बढ़ा है।

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने X पर पोस्ट किया, “मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट का दौरा किया। यह एशिया की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं में से एक है, जिसकी क्षमता 600 मेगावाट है। भारत के नवीकरणीय ऊर्जा भविष्य को आगे बढ़ाने में अटूट समर्थन देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को बहुत-बहुत धन्यवाद। यह परियोजना हमारे देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के पैमाने और महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।”

अपने दौरे के दौरान, केंद्रीय मंत्री जोशी ने सतत विकास को बढ़ावा देते हुए भूमि की कमी को दूर करने में फ्लोटिंग सोलर तकनीक जैसे अभिनव समाधानों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस दृष्टिकोण की दक्षता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पानी के ठंढा करने की क्षमता ने सौर पैनल के प्रदर्शन को बढ़ाता है, जिससे ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होती है।

वर्तमान में, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर पार्क में कुल 278 मेगावाट क्षमता स्थापित की गई है। पार्क की कुल अनुमानित विकास लागत 330 करोड़ रुपए है, जिसे 49.85 करोड़ रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता द्वारा समर्थित किया गया है।

केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा कि मध्य प्रदेश देश की ऊर्जा सुरक्षा को पूरा करने में योगदान देने वाले सबसे महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। उन्होंने कहा कि राज्य ने अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जो पिछले 12 वर्षों में 14 गुना बढ़ कर 2012 के 500 मेगावाट से वर्तमान की क्षमता तक आया है।

अपने एक्स पोस्ट में केंद्रीय मंत्री जोशी ने कहा, “278 मेगावाट के सोलर पार्क के साथ-साथ सोलर प्रोजेक्ट्स की सफल कमीशनिंग के लिए सभी हितधारकों, मध्य प्रदेश सरकार और सोलर पावर पार्क डेवलपर्स – रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड, एनएचडीसी लिमिटेड, एएमपी एनर्जी ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड और एसजेवीएन लिमिटेड को बधाई!! जैसे-जैसे परियोजना पूर्ण क्षमता की ओर बढ़ेगी, 600 मेगावाट पूरी तरह से चालू हो जाएगा। यह अगले 25 वर्षों में 4600 मिलियन यूनिट से अधिक स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करेगा। भविष्य के लिए टिकाऊ और नवीकरणीय ऊर्जा की हमारी यात्रा की दिशा में यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।”

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