पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए अमरीका और ईरान के बीच आज इस्लामाबाद में वार्ता होगी। अमरीकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस करेंगे। उनके साथ राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुशनर भी होंगे। डॉनल्ड ट्रंप ने वार्ता के लिए इसे एक अच्छी टीम बताया है
ईरान का प्रतिनिधित्व संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाग़ेर क़लिबाफ़ करेंगे। वार्ता में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल और होर्मुज़ जलडमरू मध्य पर विशेष रूप से चर्चा होने की आशा है। होर्मुज़ में सैकड़ों तेल टैंकर फंसे हैं। ये वार्ता दो सप्ताह के युद्धविराम की राष्ट्रपति ट्रम्प की घोषणा के बाद हो रही है। ईरान, अमरीका से प्रस्तावित युद्धविराम से अलग शत्रुता के अधिक स्थायी अंत की गारंटी चाहता है। ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरू मध्य पर नियंत्रण, क्षेत्रीय ठिकानों से अमरीकी सेनाओं की वापसी, यूरेनियम संवर्धन का अधिकार और लेबनान में हिजबुल्लाह पर इस्राएली हमले रोकने की मांग की गई है। अमरीका ने कहा है कि यह प्रस्ताव उसके रुख के अनुरूप नहीं है। साथ ही कहा है कि ईरान की प्रमुख मांगें अमरीकी ढांचे से बाहर हैं। अमरीका ने इससे पहले परमाणु और मिसाइल प्रतिबंधों के साथ समुद्री सुरक्षा से संबंधित 15 सूत्रीय प्रस्ताव प्रसारित किया था।
इसके अलावा, इस्राएल और लेबनान के बीच वार्ता भी अगले सप्ताह वाशिंगटन में शुरू होने की संभावना है।
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