अमरीका ने लगातार तीसरी रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इस दौरान वायु रक्षा प्रणालियों, तटीय रडार केंद्र, मिसाइल और ड्रोन ठिकाने तथा छोटे नौसैनिक पोत को निशाना बनाया गया। इस अभियान में पहली बार एकतरफा हमला करने वाले समुद्री ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। अमरीका के अनुसार, यह कार्रवाई वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में की गई। उधर ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में अमरीका के सैन्य अड्डों के साथ-साथ ओमान में रडार ठिकानों को निशाना बनाया। पश्चिम एशिया में अमरीका और ईरान दोनों ने होर्मुज जल-डमरू-मध्य पर अपना नियंत्रण होने का दावा किया है। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों के बारे में नई चिंता पैदा हो गई है। ओमान के पास होर्मुज जल-डमरू-मध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के हालिया ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इसके बाद से होर्मुज से कोई भी वाणिज्यिक पोत नहीं गुजरा है
अमरीका ने आज से होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी जहाजों की नाकेबंदी फिर शुरू करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ व्यापार करने वाले जहाजों पर समुद्री सुरक्षा की लागत को पूरा करने के लिए अमरीका बीस प्रतिशत शुल्क लगाएगा। अन्य देशों के व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पहले की तरह जारी रहेगी। उधर, ईरान ने अमरीकी फैसले को खारिज करते हुए कहा है कि वह किसी भी स्थिति में होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन में अमरीकी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेगा।
अमरीकी घोषणा के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब नौ दशमलव छह प्रतिशत बढ़कर तिरासी डॉलर तीस सेंट प्रति बैरल पर पहुंच गई।
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