उत्तर प्रदेश विधानसभा ने गैरकानूनी धर्म परिवर्तन प्रतिषेध -संशोधन विधेयक -2024 पारित कर दिया है। संशोधनों का उद्देश्य सजा को बढ़ाकर इस अधिनियम को और अधिक कठोर बनाना है। पहले इस कानून के तहत अधिकतम सजा 10 वर्ष और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना था। इस विधेयक के तहत राज्य में अवैध धर्म परिवर्तन पर 3 से 10 वर्ष की सजा का प्रावधान किया गया है। वहीं, सामूहिक धर्म परिवर्तन और विदेशी फंड से धर्म परिवर्तन कराने पर 7 से 14 वर्ष की सजा तय की गई है।
विधेयक में कहा गया है कि अगर किसी नाबालिग, महिला या व्यक्ति को बहला-फुसलाकर मानव तस्करी की जाती है तो ऐसे मामले में 20 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
झारखंड पुलिस ने रांची में राज्य विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे JPSC-JSSC अभ्यर्थियों…
एपीईडीए ने त्रिपुरा के डेरगांग किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) द्वारा 1 मीट्रिक टन सरसों के…
संसद ने कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक 2026 को पारित कर दिया है। राज्यसभा…
महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के बोझ को कम करने के लिए प्रारंभिक और…
ई-वीजा धारक विदेशी नागरिकों के भारत प्रवेश को सुगम बनाने के लिए भारत सरकार ने…
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने विश्व शेर दिवस 2026 के…