उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता संशोधन अध्यादेश 2026 को लागू कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह अध्यादेश तत्काल प्रभावी हो गया है। इसके जरिए यूसीसी अधिनियम 2024 के विभिन्न प्रावधानों में प्रक्रियात्मक, प्रशासनिक और दंडात्मक सुधार किए गए हैं ताकि इसके प्रभावी, पारदर्शी तथा सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके।
संशोधन में आपराधिक प्रक्रिया और दंडात्मक प्रावधानों को नई भारतीय संहिताओं के अनुरूप किया गया है। वहीं पंजीकरण से जुड़े अधिकारों और अपील की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। यूसीसी के एक वर्ष के दौरान इसका सबसे व्यापक प्रभाव विवाह पंजीकरण प्रक्रिया में देखने को मिला है। ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से अब पति–पत्नी कहीं से भी विवाह पंजीकरण करा सकते हैं। यूसीसी लागू होने के बाद बीते एक साल में 5 लाख से अधिक विवाह पंजीकरण पूरे किए जा चुके हैं। इस प्रणाली के तहत औसत 5 दिन के भीतर विवाह पंजीकरण प्रमाण पर जारी किया जा रहा है। इस बीच समान नागरिक संहिता के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज यूसीसी दिवस के तहत राज्य के सभी जिलों में शहरी और ग्रामीण स्तर पर जागरुकता कार्यक्रम और जन संवाद आयोजित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड ने अन्य राज्यों के लिए उदाहरण पेश किया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में पारदर्शिता और सरलता के साथ किए गए कार्यान्वयन से जनता का भरोसा बढा है।
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