उत्तराखंड सरकार ने राज्य में जंगल की भीषण आग पर काबू पाने के लिए उठाए गए कदमों से उच्चतम न्यायालय को बुधवार को अवगत कराया और कहा कि आग की घटना के कारण राज्य का केवल 0.1 प्रतिशत वन्यजीव क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
राज्य सरकार ने न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया कि पिछले साल नवंबर से राज्य में जंगल में आग लगने की 398 घटनाएं हुई हैं और वे सभी मानव निर्मित हैं।
राज्य सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने सरकार द्वारा उठाए गए कई कदमों से अवगत कराने के अलावा पीठ को यह भी बताया कि जंगल की आग के संबंध में 350 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं और उनमें 62 लोगों को नामित किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ स्लोवाकिया के व्यापार और…
डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी), जो डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (डीआईसी), इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रातिस्लावा स्थित राष्ट्रपति भवन में स्लोवाक गणराज्य के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी…
फीफा विश्व कप में केप वर्दे की टीम ने प्रबल दावेदार स्पेन को शून्य-शून्य से…
अमरीका में दक्षिणी कैलिफोर्निया के मोजावे स्थित अमरीकी वायु सेना के अड्डे से उड़ान भरने…
सरकार ने अपनी नवीनतम समीक्षा में डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर…