उत्तराखंड में चमोली जिला स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खोल दी गई है। वन विभाग ने पर्यटकों से घाटी की समृद्ध जैव विविधता और दुर्लभ वनस्पति संरक्षण में सहयोग की अपील की है। वर्तमान में घाटी में तीन सौ से अधिक फूलों की प्रजातियां और दुर्लभ वनस्पतियां मौजूद हैं। वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि घाटी 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहेगी।
वैली फर्स्ट जून से 31 ऑफ अक्तूबर तक ओपन रहती है। पहली बार इसकी डिस्कवरी फ्रैंटिस माइट ने की थी, 1931 में जब वो कॉमेट के एक एक्सपिडिशन से लौट रहे थे। उसके बाद वो वैली दोबारा आए 1937 में और 1938 में उन्होंने एक बुक पब्लिश की जिसका नाम था वैली ऑफ फ्लावर्स। 2005 में यूनेस्को द्वारा वैली ऑफ फ्लावर्स को वर्ल्ड हेरिटेज साइट डिक्लियर किया गया ।





