विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एमपॉक्स को लगातार दूसरे वर्ष वैश्विक स्वास्थ्य आपदा घोषित किया है। इस वायरल संक्रमण की शुरूआत अफ्रीकी देश कांगो से हुई थी, जो बाद में पडोसी देशों बुरूंडी, केन्या, रवांडा और युगांडा में फैल गई।
एमपॉक्स संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलने वाला रोग है। कुछ मामलों में यह जानलेवा भी हो सकता है। एमपॉक्स पीडित व्यक्ति में बुखार और फुंसी की समस्या होती है।
संगठन के निदेशक ने कहा है कि एमपॉक्स से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की आवश्यकता है। संगठन ने फिलहाल इसके लिए 15 लाख डॉलर जारी किये हैं।
इस वर्ष अफ्रीकी महाद्वीप में एमपॉक्स के 17 हजार से अधिक संदिग्ध मामलों और पांच सौ से अधिक मौतों को देखते हुए अफ्रीकी स्वास्थ्य संगठन ने इसे आपदा घोषित किया था।
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