विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एमपॉक्स को लगातार दूसरे वर्ष वैश्विक स्वास्थ्य आपदा घोषित किया है। इस वायरल संक्रमण की शुरूआत अफ्रीकी देश कांगो से हुई थी, जो बाद में पडोसी देशों बुरूंडी, केन्या, रवांडा और युगांडा में फैल गई।
एमपॉक्स संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलने वाला रोग है। कुछ मामलों में यह जानलेवा भी हो सकता है। एमपॉक्स पीडित व्यक्ति में बुखार और फुंसी की समस्या होती है।
संगठन के निदेशक ने कहा है कि एमपॉक्स से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की आवश्यकता है। संगठन ने फिलहाल इसके लिए 15 लाख डॉलर जारी किये हैं।
इस वर्ष अफ्रीकी महाद्वीप में एमपॉक्स के 17 हजार से अधिक संदिग्ध मामलों और पांच सौ से अधिक मौतों को देखते हुए अफ्रीकी स्वास्थ्य संगठन ने इसे आपदा घोषित किया था।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बताया है कि ऐसे समय में जब विश्व जटिल…
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान के…
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में हुई एक दुर्घटना में लोगों की मृत्यु…
भारतीय वायु सेना ने 22 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल…
मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर…
भारत-मिस्र संयुक्त रक्षा समिति (जेडीसी) ने 20 से 22 अप्रैल, 2026 तक काहिरा में आयोजित…