अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नये टैरिफ की घोषणा के बाद दुनिया के शेयर बाजारों में तेज गिरावट आई है। नये शुल्क घोषित होने के बाद कीमतें बढ़ने तथा अमरीका और अन्य देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने खबर दी है कि इस घोषणा के बाद अमरीका के शेयर बाजार में 27 खरब डॉलर की गिरावट आई।
अमरीका की 500 बड़ी कंपनियों से जुड़े स्डैंडर्स एंड पुअर्स- फाइव हंड्रेड में 4.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। यह 2020 में कोविड महामारी के बाद से सबसे बड़ी गिरावट है। इस घोषणा के बाद से एशिया से यूरोप तक के वित्तीय बाजारों में गिरावट का रूख रहा। स्टॉक्स यूरोप में 2.7 प्रतिशत, डाउजोंस में लगभग चार प्रतिशत और नैस्दक में लगभग छह प्रतिशत की गिरावट आई। तेल की कीमतों में भी दो अमरीकी डॉलर प्रति बैरल की गिरावट दर्ज हुई।
विश्व व्यापार संगठन ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। व्यापार जगत का कहना है कि नये टैरिफ से मुद्रास्फीति बढेगी और आर्थिक वृद्धि धीमी होगी।
चीन ने अमरीका पर वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया है। यूरोपीय संघ ने स्थिति से निपटने के लिए कड़े उपायों का वायदा किया है। फ्रांस ने अमरीका की प्रौद्योगिकी कंपनियों पर भारी कर लगाने की बात कही है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वोन डेर ने राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा लागाए गये शुल्क को विश्व अर्थव्यवस्था के लिए भारी झटका बताया है।
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