आज विश्व टेलीविज़न दिवस है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1996 में एक प्रस्ताव के ज़रिए 21 नवंबर को इसके मनाये जाने की घोषणा की थी।
टेलिविजन की बात की जाए तो भारत में सूचना और मनोरंजन के क्षेत्र में आकाशवाणी और दूरदर्शन के कार्यक्रमों का विशेष महत्व है। दूरदर्शन और आकाशवाणी ने अपने कई कार्यक्रमों और धारावाहिकों के माध्यम से जनता का मनोरंजन किया है। रामायण और महाभारत जैसे धार्मिक धारावाहिकों ने तो टेलीविजन को घऱ-घर तक पहुंचा दिया। दूरदर्शन और आकाशवाणी ने अपने कई कार्यक्रमों और धारावाहिकों के माध्यम से जनता के बीच खासी लोकप्रियता हासिल की। इन धारावाहिकों में मालगुड़ी डेज़, बुनियाद, हम लोग जैसे प्रमुख धारावाहिक शामिल हैं। भारत में टेलीविज़न प्रसारण 15 सितंबर 1959 में प्रयोगात्मक तौर पर शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो ने की थी। बाद में 1965 में इसका नियमित प्रसारण शुरू हुआ और दूरदर्शन की शुरुआत हुई। भारत में टेलीविज़न नेटवर्क की पहुंच 23 करोड़ घरों में 90 करोड़ दर्शकों तक है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय की देखरेख में विश्व टेलीविजन दिवस समूचे देश में मनाया जाता है।
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