केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज साओ पाउलो में ब्राज़ील के प्रतिष्ठित कृषि व्यापार समुदाय के 27 सदस्यों से विस्तृत बातचीत की। यह वार्ता भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के दृष्टिकोण और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने की नीति के अंतर्गत आयोजित की गई।
इस संवाद में भारत और ब्राज़ील के बीच कृषि व्यापार को बढ़ावा देने, बेहतर उत्पादन तकनीकों का आदान-प्रदान, खाद्य प्रसंस्करण की उन्नत तकनीकों को अपनाने, बायो फ्यूल और बायोएनर्जी के उत्पादन में सहयोग, तकनीकी नवाचार और आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण जैसी संभावनाओं पर गहन चर्चा की गई।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और ब्राज़ील के संयुक्त प्रयास वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने ब्राज़ील की कृषि में मशीनों के व्यापक उपयोग, विशेषकर कपास और सोयाबीन की कटाई की सराहना की और इन क्षेत्रों में सहयोग की आशा व्यक्त की।
ब्राज़ील के चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान में भारत-ब्राज़ील कृषि व्यापार 2-3 बिलियन डॉलर का है, जबकि इसकी क्षमता 15-20 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की है। ब्राज़ील मुख्यतः उर्वरक, सोयाबीन, खाद्यान्न फसलें, चीनी, माँस और सब्जियाँ निर्यात करता है।
ब्राज़ील के पूर्व कृषि मंत्री ने उल्लेख किया कि जहाँ आज से लगभग 50 वर्ष पूर्व ब्राज़ील अपने कुल खाद्य पदार्थों का 30% आयात करता था, वहीं आज यह देश 500 बिलियन डॉलर मूल्य का कृषि निर्यात करता है। शिवराज सिंह चौहान ने ब्राज़ील के कृषि समुदाय को भारत आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि यह आपसी अनुभवों और तकनीकी साझेदारी को और प्रगाढ़ करने का अवसर होगा।
सरकार ने कुल ₹10,000 करोड़ की राशि के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, राजकोट के प्रथम दीक्षांत समारोह को…
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने आज केंद्रीय श्रम एवं रोजगार एवं युवा मामले एवं खेल…
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज बैंकॉक (थाईलैंड) में 30 मार्च…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित ईंट भट्टों में कथित…
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) के सहयोग से…