राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा प्रणालियों की व्यापक समीक्षा के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण – एनएचएआई और राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड – एनआरएसबी ने नई दिल्ली स्थित एनएचएआई मुख्यालय में संस्थागत बैठक की। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. नितिन आर. गोकर्ण और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अध्यक्ष संतोष कुमार यादव की उपस्थिति में हुई बैठक में एनआरएसबी और एनएचएआई के अन्य सदस्यों, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, राज्य प्रशासनों के अधिकारी और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासन मजबूत बनाने, राष्ट्रीय राजमार्ग सुरक्षा मानक बढ़ाने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास तेज करने के लिए एनएचएआई और एनआरएसबी के बीच सतत सहयोग हेतु संरचित संस्थागत ढांचा स्थापित करने की दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण रही।
बैठक में एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर मौजूदा सड़क सुरक्षा प्रबंधन पर व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इसमें सड़क सुरक्षा प्रदर्शन और उभरते रुझान, संस्थागत प्रबंधन और शासन, राजमार्ग सुरक्षा इंजीनियरिंग और संचालन, राजमार्ग सुधार और सड़क सुरक्षा ऑडिट (सड़क योजनाओं के सड़क सुरक्षा संबंधी प्रभावों की जांच की व्यवस्थित प्रक्रिया), खतरनाक और दुर्घटना संभावित हिस्सों की पहचान तथा प्रबंधन, गति प्रबंधन, यातायात और परिवहन व्यवस्था बेहतर, सुरक्षित और स्मार्ट बनाने की आधुनिक तकनीक – इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम और प्रौद्योगिकी-आधारित उपाय शामिल रहे।
इसमें आपातकालीन प्रतिक्रिया और दुर्घटना उपरांत देखभाल, निगरानी और प्रदर्शन प्रबंधन प्रणाली, जन सहभागिता और उपयोगकर्ता-केंद्रित सेवाएं, वाणिज्यिक वाहन सुरक्षा और चालक कल्याण के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में सड़क सुरक्षा मजबूत बनाने की प्रमुख चुनौतियों और भविष्य की प्राथमिकताओं की पहचान की गई।
बातचीत में मौजूदा संस्थागत व्यवस्थाओं, इंजीनियरिंग पद्धतियों और परिचालन प्रणालियों का भी भ्ज्ञी आकलन तथा सुरक्षित प्रणाली दृष्टिकोण अपनाकर सड़क सुरक्षा मजबूत बनाने के उपायों की पहचान की गई। इनमें छह प्रमुख रणनीतिक क्षेत्र शामिल हैं: जोखिम पहचान, सुरक्षित राजमार्ग इंजीनियरिंग और रोकथाम; सुरक्षित राजमार्ग संचालन, वाणिज्यिक वाहन सुरक्षा और आधुनिक तकनीक युक्त इंटेलिजेंट परिवहन प्रणाली; आपातकालीन प्रतिक्रिया, दुर्घटना प्रबंधन और नागरिक-केंद्रित सुरक्षा; डिजिटल सुरक्षा प्रबंधन, निगरानी और निर्णय सहायता प्रणाली; प्रदर्शन निगरानी, शासन और संस्थागत दायित्व तथा राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क सुरक्षा हेतु भविष्य योजना। दोनों संस्थानों ने उभरती चुनौतियों की पहचान करने और सड़क सुरक्षा उपाय मजबूत बनाने के लिए समय-समय पर नियमित समीक्षा बैठकों द्वारा संरचित सहयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर मौजूदा सड़क सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत विश्लेषण कर प्रौद्योगिकी आधारित उपायों और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्रों पर विशेष बल दिया गया। एनआरएसबी अध्यक्ष डॉ. नितिन आर. गोकर्ण ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए एनएचएआई द्वारा उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली, भविष्यसूचक कृत्रिम बुद्धिमत्ता समाधान और एम्बुलेंस डिजिटल मैपिंग सहित उन्नत प्रौद्योगिकी उपकरणों के इस्तेमाल की सराहना की। इससे दुर्घटना प्रतिक्रिया और आपातकालीन सेवा मजबूत हुई है। उन्होंने देश भर में दुर्घटना-संभावित शीर्ष दस स्थानों की पहचान करने और टोल प्लाजा कर्मियों को प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रदान कर टोल प्लाजा पर पहली सहायता क्षमता मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता प्रदान की जा सके। एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों को राज्य प्रशासनों के साथ मिलकर काम करने और बेहतर तालमेल के लिए उन्हें सड़क सुरक्षा पहल से अवगत कराने पर भी बल दिया गया।
एनआरएसबी और एनएचएआई के बीच हुई यह बैठक राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने हेतु संरचित और सतत संस्थागत साझेदारी का आरंभ दर्शाती है।
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