बांग्लादेश की प्रधान मंत्री शेख हसीना ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ हाल ही में छात्रों के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के लिए अपने राजनीतिक विरोधियों को दोषी ठहराया है। राजधानी ढाका में उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए शेख हसीना ने कहा कि स्थिति में सुधार होने पर कर्फ्यू हटा लिया जाएगा। शेख हसीना ने कहा कि नागरिकों के जानमाल की सुरक्षा के लिए कर्फ्यू लगाने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ा। उनकी यह टिप्पणी रविवार को देश की शीर्ष अदालत द्वारा अधिकांश आरक्षण खत्म करने के फैसले के एक दिन बाद आई है। अदालत का यह फैसला प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई दिनों की झड़प के बाद आया है। देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 147 लोगों की मौत हो गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात के साणंद में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन को प्रोत्साहन देते…
वैश्विक शांति अभियानों में भारत के दीर्घकालिक योगदान को एक महत्वपूर्ण मान्यता मिली है। डेमोक्रेटिक…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अगले चरण…
नई दिल्ली में टॉय एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएआई) द्वारा आयोजित 17वीं टॉय बिज इंटरनेशनल बी2बी…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज राजस्थान के बालोतरा में लगभग ₹1.06 लाख करोड़ की विकास…
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 4 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली में एक मीडिया संगठन…