बॉम्बे उच्च न्यायालय ने आज एक विशेष पीएमएलए अदालत के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शेयर बाजार धोखाधड़ी मामले के संबंध में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड-सेबी की पूर्व अध्यक्ष माधबी पुरी बुच तथा अन्य सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज-बीएसई के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
माधबी पुरी बुच और दो अन्य द्वारा अदालत में जाने के बाद न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस.जी. दिघे की एकल पीठ ने राहत दी है। उच्च न्यायालय ने ऐसा पाया कि विशेष अदालत के न्यायाधीश ने मामले के तह में गए बिना और बुच तथा अन्य आवेदकों को उनकी भूमिका बताए बिना ही आदेश पारित कर दिया था। अदालत 1994 में बीएसई पर एक कंपनी की शेयर बाजार में कथित अनियमितताओं को लेकर माधबी पुरी बुच और पांच अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की विशेष अदालत के निर्देश के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
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