भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 (अधिनियम) की धारा 27 के अंतर्गत दिनांक 02.01.2026 को जारी आदेश के माध्यम से मेसर्स केकेके मिल्स, लुधियाना और मेसर्स संकेश्वर सिंथेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड, लुधियाना को अधिनियम की धारा 3(3)(घ) के साथ धारा 3(1) के उल्लंघन में पाए गए प्रतिस्पर्धा के विरुद्ध आचरण को रोकने और उससे परहेज करने का निर्देश दिया है।
यह कार्यवाही सीपी सेल, मास्टर जनरल ऑफ ऑर्डनेंस ब्रांच, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ऑर्डनेंस सर्विसेज की ओर से अधिनियम की धारा 19(1)(बी) के अंतर्गत दायर एक संदर्भ के आधार पर की गई जिसमें आरोप लगाया गया है कि मेसर्स केकेके मिल्स और मेसर्स संकेश्वर सिंथेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने अंडरपैंट वूलन की खरीद के लिए निविदा में आपसी मिलीभगत से बोली लगाने के लिए समझौता किया।
आयोग ने दस्तावेजों में मिले साक्ष्यों के आधार पर पाया कि समान कीमतों का उद्धरण, वित्तीय/वाणिज्यिक बोलियां प्रस्तुत करने का समय और पूर्ववर्ती समान आचरण से पता चलता है कि यह कार्रवाई आपसी मिलीभगत से की गई जो अधिनियम की धारा 3(1) के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 3(3)(घ) का उल्लंघन है। सीसीआई ने फर्म के साझेदार और कंपनी के निदेशक को अधिनियम की धारा 48 के अंतर्गत भी उत्तरदायी पाया।
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