केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने छह ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और अन्य लागू दूरसंचार और व्यापार नियंत्रण कानूनों के कथित उल्लंघन में “एंटी-ड्रोन सिस्टम”, “ड्रोन जैमर” और “जीपीएस जैमर” जैसे प्रतिबंधित वायरलेस ट्रांसमिटिंग उपकरणों को सूचीबद्ध करने और बिक्री के लिए पेश करने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
ये छह ई-कॉमर्स संस्थाएं निम्नलिखित हैं:
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने पता लगाया कि इन उपकरणों को ऑनलाइन सूचीबद्ध किया जा रहा था:
सीसीपीए ने सम्बंधित संस्थाओं को विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, इसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
ड्रोन जैमर और सिग्नल जैमिंग उपकरण भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 और वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम, 1933 के तहत विनियमित हैं, और दूरसंचार विभाग और वायरलेस योजना एवं समन्वय विभाग (डब्ल्यूपीसी) द्वारा सख्त लाइसेंसिंग और नियामक नियंत्रण के अधीन हैं।
इस प्रकार के प्रतिबंधित उपकरणों का आयात विदेशी व्यापार (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1992 और लागू डीजीएफटी अधिसूचनाओं के अंतर्गत आता है। ऐसे उपकरण सामान्यतः केवल अधिकृत सरकारी एजेंसियों और कानून प्रवर्तन प्राधिकरणों को ही वैधानिक अनुमोदन के अधीन आयात करने की अनुमति होती है।
वैधानिक प्रतिबंधों और कानूनी परिणामों के सम्बंध में महत्वपूर्ण जानकारी का अभाव प्रथम दृष्टया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47), 18 और 19 के तहत भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।
उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 के नियम 4 के तहत, बाज़ार संस्थाओं को उचित सावधानी बरतनी और लागू कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। वैधानिक प्राधिकरण की पुष्टि किए बिना प्रतिबंधित जैमिंग उपकरणों की मेजबानी करना या उनकी बिक्री को सुगम बनाने की स्थिति में भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885, वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम, 1933 और विदेशी व्यापार (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1992 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
इससे पहले, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने ई-कॉमर्स संस्थाओं को वायरलेस जैमर की अवैध बिक्री और प्रसार को रोकने के लिए सलाह जारी की थी। विनियमित या प्रतिबंधित उत्पादों की डिजिटल बाजारों के माध्यम से अवैध रूप से व्यावसायिक बिक्री को रोकते हुए सीसीपीए उपभोक्ता हितों की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 20.02.2026 को आयोजित…
दूरसंचार, डिजिटल अवसंरचना और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए आज संचार…
नीति आयोग ने आज "शिक्षुता पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जनित करना: अंतर्दृष्टि, चुनौतियाँ, सिफारिशें और सर्वोत्तम…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली स्थित अपने आवास 12, सफदरजंग…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 20 फरवरी, 2026 को कृषि भवन में ब्राजील…
राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग…