केन्द्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि जमा पर आठ दशमलव दो-पांच प्रतिशत ब्याज दर की मंजूरी दे दी है। इससे देश के सात करोड़ अंशदाता कर्मचारियों को लाभ होगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के केन्द्रीय ट्रस्टी बोर्ड ने इस ब्याज दर की सिफारिश की थी।
पिछले वर्ष भी ईपीएफ पर ब्याज दर आठ दशमलव दो-पांच प्रतिशत ही थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में यह आठ दशमलव एक-पांच प्रतिशत थी।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने महत्वपूर्ण संचालनगत उपलब्धि भी हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6 मार्च तक रिकॉर्ड दो करोड़ 16 लाख दावों का डिजिटली स्वतः निपटान हुआ। पिछले वित्तीय वर्ष में यह संख्या नवासी लाख 52 हजार थी।
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