केंद्र सरकार ने श्रम संहिता के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इससे केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, स्वायत्त निकायों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य समय पर वेतन का भुगतान, अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा अंशदान, ठेकेदारों और प्रमुख नियोक्ताओं की अधिक जवाबदेही तथा श्रम कानूनों के उल्लंघन के खिलाफ मजबूत प्रवर्तन व्यवस्था सुनिश्चित होगी। इन उपायों से संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी और वैधानिक देय राशियों के भुगतान में चूक कम हो सकेगी। इसमें समय पर वेतन और सामाजिक सुरक्षा अंशदान का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के लिए प्रतिबंध और कड़े दंड का प्रावधान है। दैनिक वेतन शिफ्ट समाप्त होने तक, साप्ताहिक वेतन साप्ताहिक अवकाश से पहले, पाक्षिक वेतन पखवाड़े की समाप्ति के दो दिन में और मासिक वेतन का भुगतान अगले महीने के सात दिन में हो जाना चाहिए।





