भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक तथा व्यापार समझौता कल से लागू हो जाएगा। इस ऐतिहासिक समझौते के अंतर्गत भारतीय निर्यात को ब्रिटेन के बाज़ार में 99 प्रतिशत शून्य शुल्क की सुविधा मिलेगी। यह समझौता भारत और ब्रिटेन की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और अपने लोगों के लिए समृद्धि लाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौता लागू होने से भारत का वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ाव और मजबूत होगा। यह समझौता आम लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। इस समझौते के लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों को ब्रिटेन में कई प्रमुख उत्पादों पर लगने वाले शुल्क से पूरी तरह राहत मिलेगी। इस समय प्रोस्सेड फूड पर 70%, समुद्री उत्पादों पर 21%, इंजीनियरिंग सामान और ऑटो पार्ट्स पर 18% चमड़ा और फुटवियर उत्पादों पर 16% और कपड़ा तथा परिधान पर लगभग 12% तक लगने वाले शुल्क अब शून्य हो जाएंगे। इससे ब्रिटेन के बाजारों में भारतीय उत्पाद की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। वहीं, किसानों, मछुआरो, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के साथ-साथ विनिर्माण क्षेत्र के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भागीदारी और मजबूत होगी। इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी आधारित सेवाओं स्वास्थ्य, शिक्षा, इंजीनियरिंग, दूरसंचार और परामर्श जैसे क्षेत्रों से जुड़े भारतीय सेवा प्रदाताओं को भी ब्रिटेन के बाजार में बेहतर अवसर मिलेंगे।
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