उच्चतम न्यायालय ने योगगुरु रामदेव, उनके सहयोगी बालकृष्ण और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को भ्रामक विज्ञापन मामले में जारी अवमानना नोटिस पर मंगलवार को अपना आदेश सुरक्षित रखा।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने इस बात का संज्ञान लिया कि पतंजलि की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने कंपनी के तीन उत्पादों के विज्ञापन वापस लेने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने वाला हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा है।
इन तीन उत्पादों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। पीठ ने कहा कि तीन सप्ताह के अंदर हलफनामा दायर किया जाए। पीठ ने कहा, ‘‘प्रतिवादी संख्या 5 से 7 (पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, बालकृष्ण और रामदेव) को जारी अवमानना नोटिस पर आदेश सुरक्षित रखे गए हैं।’’
नीति आयोग के ‘फ्रंटियर टेक हब’ ने 14 अक्टूबर 2026 को ‘डेटा सेंटर मूल्यांकन फ्रेमवर्क’…
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की संरचनात्मक सुरक्षा, स्थायित्व और गुणवत्ता…
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने आज आयुर्वेद में व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान करने का आह्वान किया। उन्होंने…
रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए समर्पित संचार उपग्रह जीसैट-7सी और नौसेना के लिए भारी…
भारत ने अमरीका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा क्षेत्र में एक हिंदू मंदिर को निशाना…
मौसम विभाग ने आज हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और दिल्ली में मूसलाधार बारिश का अनुमान व्यक्त…