भारत

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा स्थिति का जमीनी स्तर पर आकलन करने के लिए विश्व के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन का दौरा किया

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज (22 अप्रैल, 2024) सुरक्षा स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करने के लिए विश्व के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन का दौरा किया। राजनाथ सिंह ने विपरीत मौसम और दुर्गम क्षेत्र की परिस्थितियों में तैनात सैनिकों से भी बातचीत की। रक्षा मंत्री के साथ थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, उत्तरी कमान लेफ्टिनेंट जनरल एमवी सुचिन्द्र कुमार और जनरल ऑफिसर कमांडिंग, 14 कोर लेफ्टिनेंट जनरल रशिम बाली भी थीं।

एरियल सर्वेक्षण के पश्चात, रक्षा मंत्री 15,100 फीट की ऊंचाई पर एक अग्रिम चौकी पर उतरे और उन्हें सियाचिन ग्लेशियर में परिचालन तैयारी और वर्तमान सुरक्षा स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने जमीनी स्तर पर कमांडरों के साथ परिचालन चुनौतियों से जुड़े पहलुओं पर भी विचार-विर्मश किया।

सैनिकों को संबोधित करते हुए, राजनाथ सिंह ने विषम परिस्थितियों में वीरता और दृढ़ संकल्प के साथ मातृभूमि की रक्षा के पुण्य पथ पर चलने के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि राष्ट्र सशस्त्र बल कर्मियों का सदैव ऋणी रहेगा, क्योंकि उनके बलिदान के वजह से हर नागरिक सुरक्षित महसूस करता है। “हम शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं, क्योंकि हम आश्वस्त हैं कि हमारे बहादुर सैनिक सीमाओं पर दृढ़ता से खड़े हैं। आने वाले समय में जब राष्ट्रीय सुरक्षा का इतिहास लिखा जाएगा, तो बर्फीले ठंडे ग्लेशियर में हमारे सैनिकों की वीरता और दृढ़ इच्छाशक्ति के कामों को गर्व के साथ याद किया जाएगा। यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहेगी।”

राजनाथ सिंह ने कहा कि सियाचिन कोई आम जगह नहीं है, बल्कि उन्होंने इसे भारत की संप्रभुता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जैसे दिल्ली भारत की राष्ट्रीय राजधानी है, मुंबई वित्तीय राजधानी है, बेंगलुरु प्रौद्योगिकी राजधानी है, उसी तरह, सियाचिन साहस, दृढ़ निश्चय और संकल्प की राजधानी है।

हाल ही में, देश ने ऑपरेशन मेघदूत की सफलता की 40वीं वर्षगांठ मनाई। राजनाथ सिंह ने 13 अप्रैल, 1984 को भारतीय सेना द्वारा सियाचिन में शुरू किये गये इस ऑपरेशन को देश के सैन्य इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताया। उन्होंने कहा, ”ऑपरेशन मेघदूत की कामयाबी हम सभी के लिए गर्व की बात है।”

इस अवसर पर, रक्षा मंत्री ने मातृभूमि की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में सियाचिन युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।

गौरतलब है कि राजनाथ सिंह ने 24 मार्च, 2024 को लेह का दौरा किया था और सैनिकों के साथ होली मनाई थी। उनका सियाचिन जाने का कार्यक्रम था, लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। लेह से रक्षा मंत्री ने सियाचिन में तैनात सैनिकों से फोन पर बात की थी और उन्हें बताया कि वह जल्द ही विश्व के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र का दौरा करेंगे और उनके साथ बातचीत करेंगे। इस तरह आज की यात्रा के साथ, राजनाथ सिंह ने, अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, अपना वादा पूरा किया।

Editor

Recent Posts

केंद्रीय बजट 2026-27 एक फरवरी को लोकसभा में होगा पेश

केंद्रीय बजट 2026-27 अगले महीने की पहली तारीख, रविवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा।…

13 घंटे ago

भारत और जर्मनी ने 19 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए और आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं की

भारत और जर्मनी ने 19 महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं और आठ महत्वपूर्ण…

13 घंटे ago

भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार…

14 घंटे ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के गांधीनगर में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्त्‍ज़ के साथ शिष्‍टमंडल स्तर की वार्ता की

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय व्यापार अब…

15 घंटे ago

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन 16वें दिन भी जारी, अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता के संकेत दिए

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन आज 16वें दिन भी जारी हैं। अमरीका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता…

15 घंटे ago

DRDO ने गतिशील लक्ष्य पर उच्च स्तरीय आक्रमण क्षमता वाली MPATGM मिसाइल का सफल परीक्षण किया

डीआरडीओ की रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला, हैदराबाद द्वारा महाराष्ट्र के अहिल्या नगर स्थित केके…

15 घंटे ago