शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष में अबतक 15.88 प्रतिशत बढ़कर लगभग 16.90 लाख करोड़ रुपये रहा है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के आंकड़ों के अनुसार, गैर-कंपनी कर संग्रह 8.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। इसमें मुख्य रूप से व्यक्तिगत आयकर कर शामिल है।
चलू वित्त वर्ष में अबतक (12 जनवरी, 2025 तक) शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह लगभग 7.68 लाख करोड़ रुपये रहा है। वहीं शुद्ध रूप से प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) संग्रह 44,538 करोड़ रुपये रहा है। इस अवधि के दौरान 3.74 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ‘रिफंड’ जारी किए गए। यह एक साल पहले इसी अवधि की तुलना में 42.49 प्रतिशत अधिक है।
एक अप्रैल से 12 जनवरी के बीच सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 20 प्रतिशत बढ़कर 20.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में प्रत्यक्ष करों से 22.07 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें 10.20 लाख करोड़ रुपये का कॉरपोरेट कर संग्रह, 11.87 लाख करोड़ रुपये का व्यक्तिगत आयकर और अन्य कर शामिल हैं।
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