बिज़नेस

DPIIT ने कारोबार को आसान बनाने के लिए कुकवेयर, बर्तनों और डिब्बों के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश में छूट की घोषणा की

कुकवेयर, बर्तन और खाद्य व पेय कैन्स के लिए क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (क्यूसीओ), 2024 उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की कई पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य गुणवत्ता तंत्र का विकास, निवेश आकर्षित करना और उद्यमशीलता प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है, जिसमें उत्पाद की गुणवत्ता को सर्वोपरि रखा गया है।

व्यवसाय करने में आसानी बढ़ाने के लिए, उक्त क्यूसीओ में कई छूट दी गई हैं, जिसमें बहुत छोटे सूक्ष्म उद्यमों (अर्थात उद्यम पोर्टल के तहत पंजीकृत सूक्ष्म उद्यम) के लिए क्यूसीओ से छूट शामिल है, जहां संयंत्र और मशीनरी में निवेश 25 लाख से अधिक नहीं है, और टर्नओवर 2 करोड़ से अधिक नहीं है।

इसके अलावा, एक विशेष प्रावधान के तहत पुराने स्टॉक को खाली करने के लिए छह महीने की छूट प्रदान की गई है और पाउडर, अर्ध-ठोस, तरल या गैस से भरे डिब्बों के आयात के लिए छूट प्रदान की गई है।

एक विशेष प्रावधान के तहत, ऐसे सामानों और वस्तुओं के निर्माता द्वारा अनुसंधान और विकास (आर एंड डी) के उद्देश्य से 200 यूनिट कुकवेयर, बर्तन और खाद्य व पेय कैन्स के लिए भी छूट प्रदान की गई है।

कुकवेयर और बर्तन (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2023 जिसे पहले 10 अगस्त 2023 को अधिसूचित किया गया था, में 5 भारतीय मानक (आईएस) शामिल हैं। उक्त क्यूसीओ को क्यूसीओ के नाम में संशोधन के साथ विस्तारित किया गया था, अर्थात “खाद्य और पेय पदार्थों के लिए कुकवेयर, बर्तन और डिब्बे (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2024” जिसे 15 मार्च 2024 को अधिसूचित किया गया था और बड़े और मध्यम स्तर के निर्माताओं और विदेशी निर्माताओं के लिए 1 सितंबर 2024 से प्रभावी था।

डीपीआईआईटी ने क्यूसीओ के कार्यान्वयन में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए उद्योग संघों/उद्योग के साथ परामर्श के बाद 14 अक्टूबर 2024 की ई-गजट अधिसूचना के माध्यम से उक्त क्यूसीओ के कार्यान्वयन की तिथि को आगे बढ़ा दिया है और कुछ छूट भी दी हैं। क्यूसीओ अब 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा। लघु उद्यमों और सूक्ष्म उद्यमों के लिए क्यूसीओ क्रमशः 1 जुलाई 2025 और 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा। यह विस्तार अवधि घरेलू निर्माताओं को भारत के आत्मनिर्भरता और विनिर्माण उत्कृष्टता प्राप्त करने के व्यापक आर्थिक लक्ष्यों में योगदान करते हुए उन्नत गुणवत्ता मानकों के साथ तालमेल बिठाने में सक्षम बनाने के लिए प्रदान की गई है।

मानकों का अनुपालन प्रदर्शन, स्थायित्व और विश्वसनीयता के क्षेत्रों में विकास को प्रोत्साहित करेगा। इसके परिणामस्वरूप, भारत एक मजबूत उद्योग-सरकार साझेदारी के आधार पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है, जहां घरेलू ब्रांड उपभोक्ता विश्वास को बढ़ावा देकर बाजार में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करने के लिए तैयार हैं।

Editor

Recent Posts

भारत की अध्यक्षता में चल रही ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठक के अंतर्गत, वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आज चंडीगढ़ में आयोजित हुई

भारत की अध्यक्षता में चल रही ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठक के अंतर्गत, वरिष्ठ अधिकारियों की…

10 घंटे ago

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उत्तर मैसीडोनिया के स्कोेप्येव शहर के संग्रहालय में महात्मा गांधी की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज उत्तर मैसीडोनिया की राष्ट्रपति गोर्डाना सिलजानोव्स्का-दावकोवा के साथ मिलकर स्‍कोप्‍ये…

10 घंटे ago

असम में बाढ़ की स्थिति बनी गंभीर, 16 जिलों में पानी भरा हुआ

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 16 जिलों में पानी भरा हुआ…

11 घंटे ago

विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने आज फिलीपींस के मनीला में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया

विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मयण्‍म जयशंकर ने आज फिलीपींस के मनीला में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों…

11 घंटे ago

सरकार ने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए ऐप स्टोर से अनधिकृत ई-रिक्शा बैटरी प्रबंधन ऐप्स हटाने के आदेश दिए

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने आज लोकसभा में बताया कि…

12 घंटे ago