बिज़नेस

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बेहतर करने के लिए DPIIT ने फुटवियर संबंधी गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों में संशोधन किया

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और घरेलू जूता मैन्युफैक्चरिंग प्रणाली को बेहतर करने के उद्देश्य से जूता क्षेत्र से संबंधित दो गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यूसीओ) में संशोधन किए। ये संशोधन 12 जून 2026 को एस.ओ. 3038(ई) और एस.ओ. 3037(ई) के माध्यम से अधिसूचित किए गए, जो क्रमशः चमड़े और अन्य सामग्रियों से बने जूतों (गुणवत्ता नियंत्रण) पर आदेश, 2024 और रबर एवं पॉलिमर सामग्री एवं उसके घटकों से बने जूतों (गुणवत्ता नियंत्रण) पर आदेश, 2024 से संबंधित हैं।

संशोधनों के अंतर्गत, पुराने स्टॉक को निपटाने की समय सीमा 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 31 जुलाई 2027 कर दी गई है। चूंकि जूते-चप्पल मुख्य तौर पर मौसमी होते हैं और अक्सर इनका स्टॉक एक बिक्री चक्र से अधिक समय तक आपूर्ति श्रृंखला में बना रहता है, इसलिए यह अतिरिक्त एक वर्ष की अवधि निर्माताओं, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को मौजूदा स्टॉक को व्यवस्थित तरीके से निपटान के लिए पर्याप्त समय प्रदान करेगी। उम्मीद है कि इस विस्तार से अनुपालन का बोझ कम होगा, व्यापार में बोझ घटेगा और यह सुनिश्चित होगा कि इसके बाद बाजार में केवल बीआईएस प्रमाणित जूते-चप्पल ही बेचे जाएं।

इन संशोधनों में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के लिए नमूनों के आयात पर छूट भी दी गई है। चमड़े और जूते-चप्पल उत्पादों के निर्माता अनुसंधान एवं विकास तथा अन्य गैर-व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए वार्षिक आधार पर 4,500 जोड़ी जूते-चप्पल आयात कर सकते हैं। ऐसे नमूनों की व्यावसायिक बिक्री नहीं की जाएगी, उन पर स्पष्ट रूप से “बिक्री के लिए नहीं” अंकित और उभरा हुआ होना चाहिए, और इस्तेमाल के बाद उन्हें कचरे के रूप में निपटाया जाना चाहिए। निर्माताओं को ऐसे आयातों का वर्षवार रिकॉर्ड रखना होगा और जरूरत पड़ने पर सरकार को प्रस्तुत करना होगा।

उत्पाद के डिजाइन का मूल्यांकन करने, यह आकलन करने कि उत्पाद के मूल्यांकन के लिए केवल दस्तावेजीकरण ही पर्याप्त है या नहीं, और अनुसंधान एवं विकास के लिए वास्तव में आवश्यक नमूनों की मात्रा निर्धारित करने के लिए निर्माताओं को नमूने में छूट प्रदान की गई है। इस प्रावधान के तहत आयातित नमूने केवल विक्रेता प्रस्तुतियों के लिए या भारत में प्रतिकृति और बाद में निर्माण के लिए हैं और वाणिज्यिक बिक्री के लिए स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित हैं।

ये संशोधन ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ भारत के गुणवत्ता इकोसिस्टम को बेहतर करने के लिए डीपीआईआईटी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। संक्रमणकालीन प्रावधानों में, 31 जुलाई 2027 तक स्टॉक निकासी की पूर्व समय सीमा का विस्तार और अनुसंधान एवं विकास के लिए वार्षिक आधार पर 4,500 जोड़ी जूते के नमूनों के आयात की अनुमति शामिल है। इनका उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना, उत्पाद विकास और नवाचार को प्रोत्साहन देना और गुणवत्ता मानकों से समझौता किए बिना उद्योग संचालन को सुगम बनाना है। ये उपाय प्रधानमंत्री के “शून्य दोष, शून्य प्रभाव” विनिर्माण के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं और इनसे मेक इन इंडिया पहल के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण विनिर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करने की उम्मीद है।

Editor

Recent Posts

लोकायन 26: INS सुदर्शनी ने अमरीका के न्यूयॉर्क बंदरगाह की अपनी यात्रा सफलतापूर्वक संपन्‍न की

भारतीय नौसेना के सेल प्रशिक्षण पोत (एसटीएस) आईएनएस सुदर्शनी ने 8 जुलाई 2026 को संयुक्त…

1 घंटा ago

प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के एक विशाल जनसमूह को संबोधित किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय…

2 घंटे ago

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भुवनेश्वर स्थित राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाइसर) के 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज भुवनेश्वर स्थित राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाइसर)…

2 घंटे ago

QCI और NSIC ने लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार पहुंच को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) और राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी) ने आज देश भर…

2 घंटे ago

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हैदराबाद के बिबीनगर स्थित एम्स की प्रगति की समीक्षा की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज हैदराबाद के बिबीनगर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान…

2 घंटे ago

वियतनाम में होने वाले पिकलबॉल विश्व कप 2026 के लिए भारतीय दल की घोषणा

भारतीय पिकलबॉल संघ ने 2026 पिकलबॉल विश्व कप के लिए भारतीय दल की घोषणा कर…

5 घंटे ago