विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा है कि उथल-पुथल और व्यवधानों के इस दौर में सबसे अधिक असर आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा है। फिलीपीन्स के मनीला में आज आसियान-मंत्री स्तरीय सम्मेलन में डॉ. जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा को और अधिक समय तक हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत और आसियान देश अपने भविष्य के प्रति आशावादी हैं और इसीलिए चुनौतियों का सामना करते हुए अवसरों पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि यह वर्ष आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष है। यह याद दिलाने का अवसर है कि भारत और आसियान देश अधिक स्थिर और सुरक्षित भविष्य की ओर प्रगति के लिए मिलकर प्रयास कर सकते हैं।
विदेश मंत्री आसियान-भारत, पूर्वी एशिया सम्मेलन और आसियान क्षेत्रीय फोरम की बैठक सहित आसियान फ्रेमवर्क के तहत विदेशमंत्री स्तर की बैठक के लिए, दो दिन की यात्रा पर, फिलीपींस के मनीला में हैं।
पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) और एनपीसीआई बीएचआईएम सर्विसेज लिमिटेड ने भीम पेमेंट्स…
भारत ने आज सऊदी अरब के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए पश्चिम एशिया के देशों…
भारत-ब्रुनेई दारुस्सलाम संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की तीसरी बैठक द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग की…
केंद्र सरकार ने भारत-मॉरीशस के दोहरे कराधान निवारण समझौते – डीटीएए में संशोधन अधिसूचित किए…
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात…
केंद्र सरकार ने दक्षिणी हिंद महासागर मत्स्य पालन समझौते (एस.आई.ओ.एफ़.ए ) में भारत के प्रवेश…