वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव से मुलाकात की और फिनटेक, नवीकरणीय ऊर्जा तथा जलवायु कार्रवाई के क्षेत्र सहित द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
समरकंद में एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की 9वीं वार्षिक बैठक से इतर सीतारमण ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति से मुलाकात की। बैठक में उन्होंने सुझाव दिया कि चूंकि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच पर्यटन लगातार बढ़ रहा है, इसलिए फिनटेक में सहयोग तथा सीमा पार वास्तविक समय भुगतान प्रणाली पर द्विपक्षीय चर्चा से दोनों देशों के छात्रों, पर्यटकों और व्यवसायों को फायदा होगा।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ाने की संभावना को स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति ने सहयोग के पारंपरिक क्षेत्रों को मजबूत करने के अलावा डिजिटल प्रौद्योगिकियों तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे नए क्षेत्रों में सहयोग करने के भारत के प्रस्तावों की सराहना की।
निर्मला सीतारमण ने सतत विकास की दिशा में उज्बेकिस्तान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देश हरित प्रौद्योगिकियों और जलवायु कार्रवाई पहलों पर सहयोग करने के तरीके तलाश सकते हैं।
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