केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, मणिपुर के राज्यपाल, गोवा, हरियाणा, मेघालय, सिक्किम, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री, राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और अन्य मंत्री उपस्थित थे। इसके अलावा आर्थिक मामलों, व्यय और राजस्व विभागों के सचिवों और केंद्रीय वित्त मंत्रालय तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
प्रतिभागियों ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट के संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। विशेष रूप से कई प्रतिभागियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) को अधिक आवंटन के साथ जारी रखा जाना चाहिए क्योंकि यह परिसंपत्ति निर्माण में तेजी लाने में मदद करती है और राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों में पूंजी निवेश का समर्थन करती है।
गौरतलब है कि 2020-21 से केंद्र सरकार ने एसएएससीआई के तहत राज्यों को 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 4.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों को धन्यवाद दिया और आश्वासन दिया कि उनके द्वारा दिए गए सुझावों की विधिवत जांच की जाएगी और बजट 2026-27 तैयार करते समय उन पर उचित रूप से विचार किया जाएगा।
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