सरकार ने देश में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने हेतु एक नया आदेश जारी किया है। यह निर्देश होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध के कारण ईंधन आपूर्ति में संभावित बाधाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच जारी किया गया है। सरकारी आदेश में कहा गया है कि घरेलू उपभोक्ताओं तक पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बढ़ाने से उन क्षेत्रों में एलपीजी की उपलब्धता बढ़ेगी, जहां पाइपलाइन सुविधा नहीं है। यह आदेश पेट्रोलियम अधिनियम, 1934 के तहत परिभाषित और केंद्र सरकार द्वारा लाइसेंस प्राप्त सभी सार्वजनिक संस्थाओं, हाउसिंग सोसायटी और अधिकृत संस्थाओं पर लागू होगा। यह अधिकृत संस्थाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पाइपलाइन बिछाने का अधिकार देता है, जिससे मार्ग के अधिकार में देरी और स्थानीय अधिकारियों द्वारा लगाए गए अनुचित शुल्क जैसी समस्याओं का समाधान होगा।
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