सरकार ने चीनी की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा मासिक कोटा प्रणाली के स्थान पर अगले महीने से पखवाड़े के आधार पर चीनी आवंटन प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत चीनी मिलों को पहले सप्ताह में कम से कम 40 प्रतिशत आवंटन और शेष मात्रा अगले सप्ताह में बेचनी होगी।
सरकार ने कहा है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और उचित मूल्यों पर पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। उपभोक्ता कार्य मंत्रालय ने बताया कि हाल के दिनों में चीनी मिलों से बाहर चीनी की कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि खुदरा चीनी की कीमतें भी कम होने लगी हैं। नए सीजन के लिए गन्ने की पेराई 15 अक्टूबर से शुरू होगी और इस दौरान 10 लाख टन से अधिक चीनी के उत्पादन का अनुमान है। सरकार ने चीनी मिलों को अक्टूबर में उत्पादित चीनी को बिना किसी प्रतिबंध के बेचने की अनुमति दे दी है, इससे यह सुनिश्चित हो सके कि नए सीजन का उत्पादन शीघ्र घरेलू बाजार में उपलब्ध हो सके। नवंबर में चीनी उत्पादन लगभग 45 लाख टन रहने की संभावना है।
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