भारत ने अफगानिस्तान की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र महासभा-यूएनजीए के प्रस्ताव पर हुए मतदान से खुद को अलग रखा। भारत का कहना है कि नई और लक्षित पहलों के बिना कामचलाउ शैली के दृष्टिकोण से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अफगान लोगों के लिए सोचे गये परिणामों को प्राप्त नहीं कर पाएगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव पर मतदान की व्याख्या करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि पर्वतानेनी हरीश ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति की निगरानी कर रहा है।
पर्वतानेनी हरीश ने कहा कि अफगानिस्तान को लेकर भारत का दृष्टिकोण हमेशा ही अफगान के लोगों के साथ दीर्घकालिक और विशेष मित्रता से प्रेरित रहा है। उन्होंने कहा कि एक दीर्घकालिक साझेदार के रूप में अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में भारत का हित सीधे जुड़ा हुआ है।
भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने कल महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में…
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय…
केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी…
कृषि मशीनरी, उपकरण और कृषि तकनीक समाधान पर 9वीं अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन 'ईआईएमए एग्रीमैच…
नागर विमानन महानिदेशालय-डीजीसीए ने एयरबस ए 320 श्रृंखला के विमानों की सभी उड़ानों पर तत्काल…
विभाग ने चक्रवात दित्वा के मद्देनजर उत्तरी तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों…